Happy Guru Ravidas Jayanti Wishes: संत रविदास जयंती की ढेरों शुभकामनाएं, अपनों को भेजें ये संदेश

Happy Guru Ravidas Jayanti Wishes: आज संत रविदास जयंती है। पूरे देश में गुरु रविदास जयंती बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। आइए इस पावन अवसर पर संत रविदास जी के अनमोल विचार, प्रेरणादायी संदेश और शुभकामनाएं जानें, जो हमें सत्य, समानता और मानवता का मार्ग दिखाते हैं। इस अवसर पर गुरु रविदास जी के अनमोल विचार, प्रेरणादायी संदेश और शुभकामनाएं पढ़ें.

Happy Guru Ravidas Jayanti Wishes 2024

Happy Guru Ravidas Jayanti Wishes 

रविदास जन्म के कारनै, होत न कोउ नीच,
नर कूं नीच करि डारि है, ओछे करम की कीच।
Happy Guru Ravidas Jayanti 2026
सभी देश-प्रदेशवासियों को संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं
गुरु रविदास जी कहते हैं कि ज्यादा धन का संचय, अनैतिकता पूर्वक व्यवहार करना और दुराचार करना गलत बताया है। इसके अलावा अंधविश्वास, भेदभाद और छोटी मानसिकता के घोर विरोधी थे
'मन चंगा तो कठौती में गंगा'
संत रविदास जी के द्वारा कहा गया यह कथन सबसे ज्यादा प्रचलित है। जिसका अर्थ है कि अगर मन पवित्र है और जो अपना कार्य करते हुए, ईश्वर की भक्ति में तल्लीन रहते हैं उनके लिए उससे बढ़कर कोई तीर्थ नहीं है।
रविदास जन्म के कारनै, होत न कोउ नीच।
नकर कूं नीच करि डारी है, ओछे करम की कीच।।
इसका अर्थ है कि 'कोई भी व्यक्ति छोटा या बड़ा अपने जन्म के कारण नहीं बल्कि अपने कर्म के कारण होता है। व्यक्ति के कर्म ही उसे ऊंचा या नीचा बनाते हैं। संत रविदास जी सभी को एक समान भाव से रहने की शिक्षा देते थे।
कभी भी अपने अंदर अभिमान को जन्म न लेने दें। इस छोटी सी चींटी शक्कर के दानों को उठा सकती है परंतु एक हाथी इतना विशालकाय और ताकतवर होने के बाद भी ऐसा नहीं कर सकता।
करम बंधन में बन्ध रहियो, फल की ना तज्जियो आस
कर्म मानुष का धर्म है, सत् भाखै रविदास
संत शिरोमणि श्रद्धेय रविदास जी की जयंती पर कोटिश: नमन! #RavidasJayanti
जन्म जात मत पूछिए, का जात और पात।
रैदास पूत सम प्रभु के कोई नहिं जात-कुजात।।
Happy Guru Ravidas Jayanti 2026
मन ही पूजा मन ही धूप,
मन ही सेऊं सहज स्वरूप।।
अर्थ: निर्मल मन में ही भगवान वास करते हैं.अगर आपके मन में किसी के प्रति बैर भाव नहीं है, कोई लालच या द्वेष नहीं है तो आपका मन ही भगवान का मंदिर, दीपक और धूप है। ऐसे पवित्र विचारों वाले मन में प्रभु सदैव निवास करते हैं.
करम बंधन में बन्ध रहियो, फल की ना तज्जियो आस

कर्म मानुष का धर्म है, सत् भाखै रविदास

इसमें रविदास कहते हैं कि कर्म को हमेशा करते रहना चाहिए और इसके बदले फल की आशा करना गलत है. कर्म ही हमारा धर्म है और फल पाना सौभाग्य.
अर्थ: हमें हमेशा अपने कर्म में लगे रहना चाहिए और कभी भी कर्म के बदले मिलने वाले फल की आशा नहीं छोड़नी चाहिए.कर्म करना हमारा धर्म है तो फल पाना हमारा सौभाग्य है.
ऐसा चाहूं राज मैं जहां मिले सबन को अन्न।
छोट बड़ो सब सम बसे रविदास रहे प्रसन्न।।
Happy Guru Ravidas Jayanti 2026
जाति-जाति में जाति हैं,
जो केतन के पात,
रैदास मनुष ना जुड़ सके,
जब तक जाति न जात।
Happy Guru Ravidas Jayanti 2026
जाति-जाति में जाति हैं,
जो केतन के पात।
रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात।।
गुरु रविदास जयंती की हार्दिक बधाइयाँ।
हैप्पी गुरु रविदास जयंती।
गुरु जी मैं तेरी पतंग, हवा विच उड़दी जावांगी,
गुरु जी ड़ोर हाथो न छड़ी, मैं कट्टी जावांगी,
गुरु रविदास जयंती की हार्दिक बधाइयाँ।
हैप्पी गुरु रविदास जी जयंती।

कह रैदास तेरी भगति दूरि है,

भाग बड़े सो पावै।

तजि अभिमान मेटि आपा पर,

पिपिलक हवै चुनि खावै।

गुरु रविदास जयंती की हार्दिक बधाइयाँ।

हैप्पी गुरु रविदास जयंती। 

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