Parakram Diwas 2026: हॅलो दोस्त स्वागत है आपका इस आर्टिकल में, दोस्तो 23 जनवरी को हर साल सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती मनाई जाती है, उनकी जयंती को पराक्रम दिवस कब और क्यू दिया गया, आये जानते है इस आर्टिकल मे.
Parakram Diwas 2026
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप मे मनाया जाता है, आजादी के जंग मे उनकी प्रमुख भूमिका थी उनका पुरा जीवन ही सहास और पराक्रम का उदाहरण है, उडीसा के कटक मे एक संपन्न बंगाली परिवार मे जन्मे थे.
ब्रिटिश हुकूमत से भारत को आजादी दिलाने में सुभाष चंद्र बोस का अप्रतिम योगदान रहा है. उनके इसी योगदान को देखते हुए साल 2021 में उनकी १२५ वीं जयंती के अवसर पर तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस दिन को 'पराक्रम दिवस' के रूप में मनाने का निश्चय किया.
उनका सहासिक जीवन हर युवा के प्रेरणादायक है, तुम मुझे खून दो मै तुम्हे आजादी दूंगा जैसा नारा देखकर उन्होने एक भारतीय के रक्त को जोश और ऊर्जा से बना दिया, सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर पढ़िए उनके ऐसे क्रांतिकारी विचारो के बारे मे जो युवा को ऊर्जा और से जोश भर देगे.
अपनी ताकत पर भरोसा करो, उधार की ताकत तुम्हारे लिए घातक है।
याद रखिए सबसे बड़ा अपराध, अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है।
उच्च विचारों से कमजोरियां दूर होती हैं। हमें हमेशा उच्च विचार पैदा करते रहना चाहिए।
जिसके अंदर 'सनक' नहीं होती, वह कभी महान नहीं बन सकता।
संघर्ष ने मुझे मनुष्य बनाया, मुझमें आत्मविश्वास उत्पन्न हुआ, जो पहले मुझमें नहीं था।
अगर जीवन में संघर्ष न रहे, किसी भी भय का सामना न करना पड़े तो जीवन का आधा स्वाद ही समाप्त हो जाता है
आशा की कोई न कोई किरण होती है, जो हमें कभी जीवन से भटकने नहीं देती
कभी झुकने की नौबत आ जाए तो वीरों की तरह झुकना
सफलता हमेशा असफलता के स्तंभ पर खड़ी होती है। इसलिए किसी को भी असफलता से घबराना नहीं चाहिए।
जो फूलों को देखकर मचलते हैं, उन्हें कांटे भी जल्दी लगते हैं
